डीजीपी डॉक्टर सागर प्रीत हुडा के दिशा निर्देश

डीजीपी डॉक्टर सागर प्रीत हुडा के दिशा निर्देश

Directives from DGP Dr. Sagar Preet Hooda

Directives from DGP Dr. Sagar Preet Hooda

ट्राई-सिटी में बड़ी कार्रवाई: लकी पटियाल-बबीहा गिरोह से जुड़े अवैध हथियारों के नेटवर्क का भंडाफोड़।

यूटी के ऑपरेशन सेल पुलिस ने अंतर-राज्यीय हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ कर 8 आरोपियों को किया काबू।

पकड़े गए आरोपियो के कब्जे से 14 पिस्टल और 15 जिंदा कारतूस बरामद। जानकारी के 

रंजीत शम्मी चंडीगढ़। Directives from DGP Dr. Sagar Preet Hooda: शहर के डीजीपी डॉक्टर सागर प्रीत हुडा के दिशा निर्देशों के चलते यूटी पुलिस का अहम विभाग माने जाने वाले ऑपरेशन सैल पुलिस की टीम को उस वक्त एक बड़ी कामयाबी मिली।जब पुलिस ने इंटरस्टेट गैंग का पर्दाफाश कर ट्राई-सिटी में बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंगस्टर लकी पटियाल-बबीहा गिरोह से जुड़े अवैध हथियारों के नेटवर्क का भंडाफोड़ कर अंतर-राज्यीय हथियार सप्लाई करने वाले गिरोह के 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।पुलिस ने पकड़े गए आरोपियो के कब्जे से 14 पिस्टल और 15 जिंदा कारतूस बरामद किए है। जानकारी के अनुसार यूटी पुलिस की एसपी गीतांजलि खंडेलवाल के मार्गदर्शन पर डीएसपी विकास शयोकद की सुपरविजन में इंस्पेक्टर हरिंद्र सेखो,इंस्पेक्टर जसपाल सिंह और इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह की टीम को बड़ी कामयाबी मिली है।

Directives from DGP Dr. Sagar Preet Hooda

केस नंबर एक।

जानकारी के अनुसार बुधवार को सैक्टर 9 स्थित यूटी पुलिस मुख्यालय की तीसरी मंजिल पर हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी ऑपरेशन गीतांजलि खंडेलवाल ने बताया कि ऑपरेशन सैल के इंस्पेक्टर हरिंदर सिंह सेखों के नेतृत्व वाली टीम को 14 अप्रैल 2026 को एक इनपुट/गुप्त सूचना पर कारवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जिनकी पहचान न्यू इंद्रा कॉलोनी मनी माजारा के रहने वाले राहुल उर्फ रैली और मोनू के रूप में हुई थी। एसपी ने बताया कि आरोपी राहुल उर्फ रैली कथित तौर पर उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से अवैध हथियार खरीद रहा था।और उन्हें अपराध करने के लिए शहर में विभिन्न गिरोहों/अपराधियों को आपूर्ति कर रहा था।इन हथियारों का इस्तेमाल ट्राई-सिटी में मर्डर,रॉबरी,रैनसम वगैरह जैसे क्रिमिनल कामों में किया गया था।उसके पास से तीन एडवांस्ड सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 01 देसी कट्टा (कुल 04) और दो ज़िंदा कारतूस भी मिले हैं।राहुल उर्फ ​​रैली एक हार्डकोर क्रिमिनल है।और पहले चंडीगढ़ और दूसरे राज्यों में कई क्रिमिनल केस में शामिल रहा है।चंडीगढ़ और दूसरे राज्यों में केस की डिटेल इस तरह है। जिसके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज पाए गए है।इसके बाद ऑपरेशन सेल पुलिस ने दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किया।जिसका नाम मोनू है। न्यू इंद्रा कॉलोनी मनीमाजरा चंडीगढ़ का रहने वाला है। उसे आर्म्स एक्ट के तहत गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 03 सोफिस्टिकेटेड सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल +01 (देसी कट्टा) कुल 04 और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए। मोनू वह युवक है जिसके यूपी और एमपी में अवैध हथियार सप्लायर से कनेक्शन हैं।उसने पहले ट्राई-सिटी में भी अवैध हथियार सप्लाई किए थे।और अब वह ट्राई-सिटी में ड्रग ट्रैफिकिंग में शामिल है।उसने राहुल उर्फ ​​रैली को यूपी और एमपी में अवैध हथियार सप्लायर से मिलवाया था।

चंडीगढ़ के क्षेत्र में बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए असामाजिक तत्वों, वांछित अपराधियों/गैंगस्टरों आदि पर निगरानी रखने के लिए जो गैंगस्टरों को समर्थन प्रदान करते हुए अवैध हथियार खरीद रहे हैं।पहले भी कई मामले दर्ज है। पुलिस द्वारा लगातार पूछताछ के दौरान, एक बड़ी कामयाबी मिली जब दोनों गिरफ्तार आरोपियों ने ट्राई-सिटी इलाके में काम कर रहे लकी पटियाल और बबीहा गैंग के खास साथियों को गैर-कानूनी हथियार सप्लाई करने में अपनी एक्टिव भूमिका का खुलासा किया।आगे की पूछताछ के दौरान एक और आरोपी और उनके साथी गोविंद उर्फ ​​गौरव निवासी न्यू इंद्रा कॉलोनी, मनीमाजरा को गिरफ्तार किया गया।जांच के दौरान चंडीगढ़ पुलिस ने बबीहा गैंग के एक और साथी को पकड़ा। जिसकी पहचान गोविंद उर्फ ​​गौरव के तौर पर हुई। उसकी गिरफ्तारी से एक और हथियार बरामद हुआ।यानी उसके पास से एक देसी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ।शुरुआती पूछताछ में, आरोपी ने बताया कि वह नशे का आदी है।और पहले भी लड़ाई-झगड़ों में शामिल रहा है। उसने आगे बताया कि उसका मकसद क्राइम की दुनिया में अपनी पहचान बनाना और पैसे कमाना था।आरोपी ने यह भी माना कि वह डारिया और आस-पास के इलाकों में रहने वालों में डर पैदा करने के लिए हथियार लहराता था। जिसके खिलाफ पहले ही कई मामले दर्ज पाए गए। पुलिस के अनुसार सभी आरोपियों ने खुलासा किया कि वे सक्रिय मिलीभगत से संगठित माध्यमों से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश से अवैध हथियार खरीद रहे हैं। इन हथियारों को या तो वे गुप्त रूप से छिपाकर रखते हैं। या मांग के अनुसार रणनीतिक रूप से चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब में सक्रिय विभिन्न गैंगस्टर नेटवर्क के सहयोगियों और समर्थकों को वितरित करते हैं।जिससे क्षेत्र में संगठित आपराधिक गतिविधियों को सुविधा और मजबूती मिलती है।

केस नंबर दो।

यूटी पुलिस के ऑपरेशन सैल के इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई और छह अवैध हथियार और 09 जिंदा कारतूस बरामद किए और इसके बाद एक मुठभेड़ हुई जिसमें एक आरोपी मुकेश उर्फ ​​गुल्लू के पैर में चोटें आईं।ऑपरेशन सेल की टीम को केस एफआईआर नंबर 63/2026 धारा 25/54/59 आर्म्स एक्ट के एक वॉन्टेड आरोपी के बारे में इनपुट मिला।की थाना मलोया 2021 आर्म्स एक्ट का पीओ  सेक्टर 25 में अपनी बहन के घर जाने वाला था। इस जानकारी पर तुरंत कार्रवाई करते हुए एक टीम ने रैली ग्राउंड के पास आरोपी का पीछा किया। पीछा करते समय आरोपी ने पुलिस पार्टी पर फायरिंग की और चेतावनी देने के बाद भी फायरिंग करता रहा और जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लग गई और उसे इलाज के लिए सेक्टर 16 के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया। क्रॉस फायरिंग में आरोपी मुकेश उर्फ गुल्लू ने तीन राउंड फायर किए और पुलिस पार्टी ने दो गोलियां चलाईं। उसके पास से एक .32 बोर की पिस्टल और तीन कारतूस बरामद हुए। इस संबंध में उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25/27/54/59 के तहत एफआईआर नंबर 59 दर्ज है। पहले भी कई मामले दर्ज पाए गए है।जानकारी के अनुसार 10 अप्रैल को  ऑपरेशन सेल की एक टीम गश्त पर थी और संदेह के आधार पर मोहाली निवासी अमन उर्फ ​​बटक को पकड़ा।तलाशी के दौरान एक देसी पिस्टल (देसी कट्टा) के साथ 01 जिंदा कारतूस मिला। इस संबंध में थाना 39 में मामला दर्ज है।18 अप्रैल 2026 को, ऑपरेशन सेल की एक टीम गश्त पर थी और संदेह के आधार पर सैक्टर 38 निवासी युवक संजू उर्फ ​​कांचा  को पकड़ा और उसकी व्यक्तिगत तलाशी के दौरान एक देसी पिस्टल (देसी कट्टा) के साथ 01 जिंदा कारतूस मिला। पहले भी कई मामले दर्ज है।इस संबंध में भी मामला दर्ज है। ऑपरेशन सैल की टीम 21,22 अप्रैल 2026 की मध्यरात्रि को गश्त पर थी और शक के आधार पर गुरदीप सिंह और मोनी नाम के दो युवकों को पकड़ा और उनके पास से एक देसी कट्टा, एक जिंदा कारतूस और एक देसी पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए।इस संबंध में मामला दर्ज है।पकड़े गए आरोपी गुरदीप और मोनी के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज है।

Ranjit shammi